विपक्ष की बात

भारतवर्ष की भूमि परजब शीत ऋतु लहराती थी,असावधान बैठी देहों पर,क्रूरता बरसाती जाती थी।हंसते-रोते, चलते-सोते रोजमर्रा के जीवन ढोते,लोगों के जीवन मे एक दिन आया ऐसा निराला थालोकतंत्र का गान करके कुछ जनों ने,देश के हृदय पर तेज़ चुभोया एक भाला था।सुबह का अखबार जैसे अपने साथ उल्टी स्वतंत्रता लाया था,लगता था ठंड ने कुछ… Continue reading विपक्ष की बात

पार तो फिर भी करना होगा

Inspired from and Dedicated to Shri Atal Bihari Vajpayee हो राह में यदि आकाश,सूर्य की तरफ उड़ना होगा,बीच तड़ित से चमकते बादलों कोपार तो फिर भी करना होगा। जब नदी में हो वेग गजब,और नौका फंसी मझधारों में,धैर्य तो फिर भी धरना होगा,पार तो फिर भी करना होगा। विपरीत दिशा की धारा में,चप्पू चलाते रहना… Continue reading पार तो फिर भी करना होगा