मृत्यु से मुलाकात

निकल पड़ा मैं घर से किसी बात पे,क्रोधित था मन उस दिन दुनिया के हालात पे,उचटा हुआ मन लिए पहुंचा एक सूने मैदान में,सहसा सन्नाटे से ठिठका, हुआ थोड़ा हैरान मैं । दूर दूर तक न कोई मनुष्य नज़र आता था,न ही आकाश से कोई पंछी चहचहाता था,रोशनी भी धीरे धीरे ढल रही थी,धूल समेटे… Continue reading मृत्यु से मुलाकात