अभिमन्यु

वीरता के जो होते मिसाल हैं,स्वार्थ, लोभ दुर्गुणों से अधिक विशाल हैं,दुर्घटनाओं में न वे मुरझाते हैं,कठिनाइयों को हंस कर गले लगाते हैं। वीरता भी कई प्रकार की होती है,जैसे सागर में असंख्य मोती हैं,वे संसार भर में पूजे जाते हैं,समाज के आदर्श कहलाए जाते हैं। एक उदाहरण लोकप्रिय वह सही,द्वापर की वह कथा कही-सुनी।साहस… Continue reading अभिमन्यु

मृत्यु से मुलाकात

निकल पड़ा मैं घर से किसी बात पे,क्रोधित था मन उस दिन दुनिया के हालात पे,उचटा हुआ मन लिए पहुंचा एक सूने मैदान में,सहसा सन्नाटे से ठिठका, हुआ थोड़ा हैरान मैं । दूर दूर तक न कोई मनुष्य नज़र आता था,न ही आकाश से कोई पंछी चहचहाता था,रोशनी भी धीरे धीरे ढल रही थी,धूल समेटे… Continue reading मृत्यु से मुलाकात