आज़ाद

कहते हैं कि भारतवर्ष में आज़ादी की आजकल नई घटा है छायी,जब अपने ही वीर सपूतों की निंदा करने की कुछ लोगों ने है स्वतंत्रता पायी।अपने ही हाथों जिनसे मातृभूमि का गला घोंटा जाता है,उन लोगों को आजकल देश में आज़ाद कहा जाता है। रहते हैं जो उच्च दबाव में, तूफानों में, वीरानों में, शून्य… Continue reading आज़ाद

पाप की परिभाषा

आज के कलियुग में जहाँपाप-व्यभिचार सदा-सद पलता हैइस शहर-उस शहर, हर नगर, हर देश सेहंसते-मुस्कराते, हाथ हिलाते, सिर उठा निकलता है।राह चलते हुए राहगीरों को वह पकड़ता हैहर किसी के मन को वह अंततः जकड़ता हैऔर गलत राह पर ले जा कर वह अकड़ता है(जो मन मे एक बार पाप को बसा लेता है तो… Continue reading पाप की परिभाषा