Lockdown outside your home, or maybe you just like to be inside. Well, what would you like to read? Please Vote.

You should have a Wife?

When I was happy without any strife,when I had no qualms with life.Then it was deemed by people to advise,"Boy, you should have a wife!" I search for joy and for truth,and go for adventures in my youth.And yet it was deemed by them to be so rife,so people told me to have a wife.… Continue reading You should have a Wife?

पाप की परिभाषा

आज के कलियुग में जहाँपाप-व्यभिचार सदा-सद पलता हैइस शहर-उस शहर, हर नगर, हर देश सेहंसते-मुस्कराते, हाथ हिलाते, सिर उठा निकलता है।राह चलते हुए राहगीरों को वह पकड़ता हैहर किसी के मन को वह अंततः जकड़ता हैऔर गलत राह पर ले जा कर वह अकड़ता है(जो मन मे एक बार पाप को बसा लेता है तो… Continue reading पाप की परिभाषा

The Cloud’s Flight

‘Pittar-pattar’ the rain drops fall,From the clouds, its journey small,towards the earth, smelling fresh.It falls on the moor beyond that lifeless streamwhere darker shadows loom in moonlight beams. The drops form the pond,Smaller, bigger; growing in bondFalling in pit with each other,Unity’s armour they donned.Dark clouds gather above, they grow in size,After joining one another,… Continue reading The Cloud’s Flight

My Poem ‘What is Life?’ published on Storymirror, ranked #3 in its category and #14 in their entire English poetry database.

Poem published on Storymirror and ranked #3 in its category and #14 in entire English poetry from among thousands and thousands of poems. Check it out from below. https://storymirror.com/read/english/poem/what-is-life/4xcobee3

यह प्रेम नहीं

(इस कविता में जो लिखा है उसका अर्थ तो समझिए ही साथ ही साथ उसके उलट जो आज के युग में होता है वह भी सोचिये)(कविता को लयबद्ध पद्य की शैली में लिखा है, यदि उस लहजे से पढ़ा जाए तो अलग आनंद मिलेगा 🙂)काल का चक्र जो चलता है,किसी के लिए नहीं ये रुकता… Continue reading यह प्रेम नहीं

सब चुप क्यों हैं?

(कल्पना करिए आप 12-15 वर्ष पहले के भारत में हैं। जैसे जैसे मैं समय में आगे बढूंगा आप समझते जाएंगे) रोज़ाना चलते जीवन के यापन में, सब चुप क्यों हैं? अंतर्द्वंद के स्थापन से भी, सब चुप क्यों हैं?   सर उठा कर देखते हैं जब लोग, पता लगता है कि रास्ते तो अब खाली… Continue reading सब चुप क्यों हैं?

पार तो फिर भी करना होगा

Inspired from and Dedicated to Shri Atal Bihari Vajpayee हो राह में यदि आकाश,सूर्य की तरफ उड़ना होगा,बीच तड़ित से चमकते बादलों कोपार तो फिर भी करना होगा। जब नदी में हो वेग गजब,और नौका फंसी मझधारों में,धैर्य तो फिर भी धरना होगा,पार तो फिर भी करना होगा। विपरीत दिशा की धारा में,चप्पू चलाते रहना… Continue reading पार तो फिर भी करना होगा