What is Life?

They say that life is all this, and more, And one faces all these above, But to be wise is a rarer gift, And rarer is to act on it.

विपक्ष की बात

भारतवर्ष की भूमि परजब शीत ऋतु लहराती थी,असावधान बैठी देहों पर,क्रूरता बरसाती जाती थी।हंसते-रोते, चलते-सोते रोजमर्रा के जीवन ढोते,लोगों के जीवन मे एक दिन आया ऐसा निराला थालोकतंत्र का गान करके कुछ जनों ने,देश के हृदय पर तेज़ चुभोया एक भाला था।सुबह का अखबार जैसे अपने साथ उल्टी स्वतंत्रता लाया था,लगता था ठंड ने कुछ… Continue reading विपक्ष की बात

Chances

Take your chances, O' lonely soul, Lest the passions are abating, Seek the comforts of present not the past, for The time rushes while these keep on debating. Worried of the chances that you will lose? But equal are that of winning, if not more, What use is such caution in what to choose? When… Continue reading Chances

पाप की परिभाषा

आज के कलियुग में जहाँपाप-व्यभिचार सदा-सद पलता हैइस शहर-उस शहर, हर नगर, हर देश सेहंसते-मुस्कराते, हाथ हिलाते, सिर उठा निकलता है।राह चलते हुए राहगीरों को वह पकड़ता हैहर किसी के मन को वह अंततः जकड़ता हैऔर गलत राह पर ले जा कर वह अकड़ता है(जो मन मे एक बार पाप को बसा लेता है तो… Continue reading पाप की परिभाषा

The Cloud’s Flight

‘Pittar-pattar’ the rain drops fall,From the clouds, its journey small,towards the earth, smelling fresh.It falls on the moor beyond that lifeless streamwhere darker shadows loom in moonlight beams. The drops form the pond,Smaller, bigger; growing in bondFalling in pit with each other,Unity’s armour they donned.Dark clouds gather above, they grow in size,After joining one another,… Continue reading The Cloud’s Flight

यह प्रेम नहीं

(इस कविता में जो लिखा है उसका अर्थ तो समझिए ही साथ ही साथ उसके उलट जो आज के युग में होता है वह भी सोचिये)(कविता को लयबद्ध पद्य की शैली में लिखा है, यदि उस लहजे से पढ़ा जाए तो अलग आनंद मिलेगा 🙂)काल का चक्र जो चलता है,किसी के लिए नहीं ये रुकता… Continue reading यह प्रेम नहीं

पार तो फिर भी करना होगा

Inspired from and Dedicated to Shri Atal Bihari Vajpayee हो राह में यदि आकाश,सूर्य की तरफ उड़ना होगा,बीच तड़ित से चमकते बादलों कोपार तो फिर भी करना होगा। जब नदी में हो वेग गजब,और नौका फंसी मझधारों में,धैर्य तो फिर भी धरना होगा,पार तो फिर भी करना होगा। विपरीत दिशा की धारा में,चप्पू चलाते रहना… Continue reading पार तो फिर भी करना होगा